अंक ज्योतिष · गणना समझें
मूलांक और भाग्यांक में क्या अंतर है? उदाहरण सहित गणना
मूलांक जन्म के दिन से और भाग्यांक पूरी जन्मतिथि से निकलता है। उदाहरण, अंकों का जोड़ और आम गलतियों के साथ दोनों की गणना समझें।
इस लेख में
मूलांक और भाग्यांक में क्या अंतर है?
मूलांक केवल जन्म के दिन से निकलता है। भाग्यांक पूरी जन्मतिथि के दिन, महीने और साल के सभी अंकों से निकलता है। इसलिए एक ही व्यक्ति के दोनों अंक अलग हो सकते हैं; इसका मतलब गणना में गलती होना नहीं है।
उदाहरण के लिए, काल्पनिक जन्मतिथि 17 मई 1990 लें। दिन 17 से मूलांक 1 + 7 = 8 होगा। पूरी तारीख 17-05-1990 के अंकों का योग 32 है, इसलिए भाग्यांक 3 + 2 = 5 होगा।
| अंक | क्या जोड़ें | 17 मई 1990 का उदाहरण |
|---|---|---|
| मूलांक / Mulank | केवल जन्म का दिन | 1 + 7 = 8 |
| भाग्यांक / Bhagyank | दिन, महीना और पूरा साल | 1 + 7 + 0 + 5 + 1 + 9 + 9 + 0 = 32 → 5 |
मूलांक निकालने का तरीका
- जन्मतिथि में केवल दिन देखें। महीना और साल अभी न जोड़ें।
- दिन दो अंकों का है तो दोनों अंक जोड़ें।
- योग दो अंकों में आए तो फिर जोड़ें, जब तक 1 से 9 तक एक अंक न मिल जाए।
29 तारीख के लिए 2 + 9 = 11, फिर 1 + 1 = 2। 28 तारीख के लिए 2 + 8 = 10, फिर 1 + 0 = 1। इस नियम में मूलांक 11 या 22 पर नहीं रुकता।
मूलांक कैलकुलेटर में जन्मतिथि भरकर जोड़ और अपना विस्तृत विवरण देखें। यहाँ तारीख की वही गणना होती है, जिसके उदाहरण इस लेख में दिए गए हैं।
1 से 31 तारीख तक अपना मूलांक देखें
अपने जन्म के दिन को दूसरे कॉलम में खोजें। उसके सामने दिया अंक आपका मूलांक है। इस तालिका में महीना और साल शामिल नहीं हैं।
| मूलांक | महीने की जन्म तारीखें |
|---|---|
| 1 | 1, 10, 19, 28 |
| 2 | 2, 11, 20, 29 |
| 3 | 3, 12, 21, 30 |
| 4 | 4, 13, 22, 31 |
| 5 | 5, 14, 23 |
| 6 | 6, 15, 24 |
| 7 | 7, 16, 25 |
| 8 | 8, 17, 26 |
| 9 | 9, 18, 27 |
उदाहरण: 2, 11, 20 और 29 तारीख का मूलांक 2 है। इन दिनों जन्मे लोगों का भाग्यांक अलग हो सकता है, क्योंकि उसमें महीना और पूरा साल भी जुड़ता है।
भाग्यांक निकालने का तरीका
- पूरी जन्मतिथि लिखें: दिन, महीना और चार अंकों का साल।
- हर अंक जोड़ें। केवल दिन, महीने और साल की संख्याओं को सीधे जोड़कर न छोड़ें।
- अंकों के कुल योग को 1 से 9 तक एक अंक में सरल करें।
काल्पनिक तारीख 29 नवंबर 1992 के लिए: 2 + 9 + 1 + 1 + 1 + 9 + 9 + 2 = 34। फिर 3 + 4 = 7। मूलांक 2 है, लेकिन भाग्यांक 7 है। दोनों के इनपुट अलग होने से परिणाम भी अलग है।
AstroNiva के भाग्यांक / Destiny Number कैलकुलेटर में यही पूरी जन्मतिथि वाला नियम है।
गणना में होने वाली आम गलतियाँ
- भाग्यांक निकालते समय साल के केवल अंतिम दो अंक लेना। 1992 का पूरा साल गिना जाएगा, केवल 92 नहीं।
- मूलांक में महीने और साल को भी जोड़ देना।
- तारीख के महीने और दिन की अदला-बदली करना। फॉर्म में सही दिन, महीना और साल चुनें।
- 11, 22 या 33 पर रुकने वाली दूसरी पद्धति से तुलना करना। यह भाग्यांक कैलकुलेटर अंतिम अंक 1–9 तक निकालता है।
- नामांक को भाग्यांक समझ लेना। नामांक के लिए नाम के अक्षर चाहिए, भाग्यांक के लिए जन्मतिथि।
तारीख में शून्य जोड़ने से कुल नहीं बदलता। इसीलिए 05 और 5 का अंक योग समान है। फिर भी फॉर्म में पूरी सही तारीख दर्ज करें ताकि दिन और महीना स्पष्ट रहें।
रिपोर्ट में दोनों अंक कैसे पढ़ें?
अंक ज्योतिष की परंपरा में मूलांक को जन्म-दिन के विषयों से और भाग्यांक को पूरी जन्मतिथि के विषयों से जोड़ा जाता है। पहले दोनों की गणना अलग देखें, फिर उनके विवरण पढ़ें। एक ही मूलांक वाले लोगों का भाग्यांक अलग हो सकता है।
लो शू ग्रिड एक अलग प्रदर्शन है: यह जन्मतिथि में मौजूद और दोहराए अंकों की गिनती दिखाता है। इसका खाली खाना अपने आप मूलांक या भाग्यांक को नहीं बदलता।
क्या जन्म का समय या स्थान चाहिए?
इन दोनों अंकों की गणना के लिए केवल सही जन्मतिथि चाहिए। कुंडली, लग्न और नक्षत्र की गणना अलग है और उसमें समय व स्थान भी महत्वपूर्ण होते हैं।
क्या नाम बदलने से मूलांक बदल जाएगा?
नाम बदलने से नामांक की गणना बदल सकती है। जन्मतिथि वही होने पर उसका मूलांक और भाग्यांक नहीं बदलता।
गणना और संदर्भ
इस लेख के उदाहरण AstroNiva के कैलकुलेटर नियमों से जाँचे गए हैं। संबंधित साधनों में इनपुट, गणना का विवरण और परिणाम देखें।